Monday, January 13, 2020

विरोध जता रहे लोगों ने कहा- हमारा दुश्मन देश के अंदर, सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की खबरों को झूठा बताया

तेहरान. ईरान में सोमवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारी विमान हादसे पर सरकार के विरोध में उतरे। तेहरान के आजादी स्कवेर पर हजारों की संख्या में लोग जुटे। इस दौरान जनता ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई और राष्ट्रपति हसन रूहानी के विरोध में नारे लगाए। तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों के एक गुट ने यहां तक कहा कि उनका असली दुश्मन अमेरिका नहीं, बल्कि देश के अंदर ही है। इसके साथ ही दूसरे दिन भी तानाशाह की मौत के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ जगहों पर फायरिंग की। हालांकि, तेहरान पुलिस के प्रमुख हुसैन रहीमी ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़े हैं, किसी भी प्रकार की फायरिंग की खबरें झूठी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। ईरान की जनता रूहानी सरकार के खिलाफ विमान हादसे पर दो दिन से प्रदर्शन कर रही है। इन्हें काबू में करने के लिए पुलिस ने रविवार को भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद ट्रम्प ने प्रदर्शनों पर एक ही दिन में दूसरा ट्वीट किया और कहा- “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बताया कि नए प्रतिबंधों से ईरान का दम घुट गया है और वे समझौता करने के लिए मजबूर होने वाले हैं। असल में मुझे चिंता नहीं है कि वे समझौता करते हैं या नहीं। लेकिन ईरानी नेताओं को संदेश है कि उन्हें परमाणु हथियार नहीं बनाने हैं और प्रदर्शनकारियों को नहीं मारना चाहिए।

ट्रम्प ने आगे कहा, “हजारों को पहले ही मारा या जेल में डाला जा चुका है और पूरी दुनिया देख रही है। सबसे जरूरी है कि अब अमेरिका भी देख रहा है। अपना इंटरनेट शुरू करो और रिपोर्टर्स को आजादी से घूमने दो। अपने महान ईरानियों का कत्ल बंद करो।”

रान ने 8 जनवरी को यूक्रेन के विमान को मार गिराया था। ईरान ने शनिवार को कबूला कि उसकी सेना ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को निशाना बना दिया। सरकार की तरफ से जारी बयान में इसे इंसानी भूल (ह्यूमन एरर) बताया गया। इस घटना के बाद से ईरान में हजारों लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

इससे पहले ट्रम्प ने शनिवार रात को भी ईरान के प्रदर्शनों पर फारसी में ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था- ईरान के बहादुर और लंबे समय से पीड़ित लोगों के साथ मैं अपने कार्यकाल की शुरुआत से खड़ा हूं। मेरा प्रशासन आपके साथ खड़ा रहेगा। शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों का नरसंहार नहीं होना चाहिए, न ही उनका इंटरनेट बंद होना चाहिए। पूरी दुनिया देख रही है।

एनएसए ने कहा था- ईरान के पास बातचीत के अलावा कोई चारा नहीं

ट्रम्प का यह बयान उनके एनएसए रॉबर्ट ओ ब्रायन के एक न्यूज चैनल से किए ईरान के बारे में किए दावों के बाद आया। राॅबर्ट ने कहा कि नए प्रतिबंधों की वजह से ईरान के पास समझौते के अलावा कोई चारा नहीं है। हमारा ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाने का अभियान काम कर रहा है। उसके पास विकल्प कम हैं और उसे बात करनी ही होगी।

रॉबर्ट ने कहा, “ईरान की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव है और ऐसे में जब छात्र विमान हादसे पर बाहर आकर ‘तानाशाह को मौत’ जैसे नारे लगाएं और हजारों ईरानी सड़कों पर उतरें तो इस तरह का दबाव उन्हें समझौते के लिए आगे लेकर ही आएगा।

तेहरान. ईरान में सोमवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारी विमान हादसे पर सरकार के विरोध में उतरे। तेहरान के आजादी स्कवेर पर हजारों की संख्या में लोग जुटे। इस दौरान जनता ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई और राष्ट्रपति हसन रूहानी के विरोध में नारे लगाए। तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों के एक गुट ने यहां तक कहा कि उनका असली दुश्मन अमेरिका नहीं, बल्कि देश के अंदर ही है। इसके साथ ही दूसरे दिन भी तानाशाह की मौत के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ जगहों पर फायरिंग की। हालांकि, तेहरान पुलिस के प्रमुख हुसैन रहीमी ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़े हैं, किसी भी प्रकार की फायरिंग की खबरें झूठी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। ईरान की जनता रूहानी सरकार के खिलाफ विमान हादसे पर दो दिन से प्रदर्शन कर रही है। इन्हें काबू में करने के लिए पुलिस ने रविवार को भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद ट्रम्प ने प्रदर्शनों पर एक ही दिन में दूसरा ट्वीट किया और कहा- “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बताया कि नए प्रतिबंधों से ईरान का दम घुट गया है और वे समझौता करने के लिए मजबूर होने वाले हैं। असल में मुझे चिंता नहीं है कि वे समझौता करते हैं या नहीं। लेकिन ईरानी नेताओं को संदेश है कि उन्हें परमाणु हथियार नहीं बनाने हैं और प्रदर्शनकारियों को नहीं मारना चाहिए।

ट्रम्प ने आगे कहा, “हजारों को पहले ही मारा या जेल में डाला जा चुका है और पूरी दुनिया देख रही है। सबसे जरूरी है कि अब अमेरिका भी देख रहा है। अपना इंटरनेट शुरू करो और रिपोर्टर्स को आजादी से घूमने दोअपने महान ईरानियों का कत्ल बंद करो।” 

ईरान ने 8 जनवरी को यूक्रेन के विमान को मार गिराया था। ईरान ने शनिवार को कबूला कि उसकी सेना ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को निशाना बना दिया। सरकार की तरफ से जारी बयान में इसे इंसानी भूल (ह्यूमन एरर) बताया गया। इस घटना के बाद से ईरान में हजारों लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

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